Returns To Scale पैमाने के प्रतिफल
Micro Economics

पैमाने के प्रतिफल || Returns to scale

पैमाने के प्रतिफल (Returns to Scale):

पैमाने के प्रतिफल (Returns To Scale) को निम्न प्रकार से परिभाषित किया जा सकता है- “जितना गुना सभी अनुपातों को दोहराया जाता है अर्थात् जितना गुना स्थिर और इसीलिए परिवर्तनशील स्तनों को बढ़ाया जाता है तो वह फर्म के पैमाने को स्थापित करता है।”

सरल शब्दों में, पैमाने में वृद्धि का अर्थ है सभी साधनों को एक ही अनुपात में बढाना अर्थात् साधन अनुपातों को स्थिर रखते हुए सभी साधनों को बढ़ाया जाता है। पैमाने का यह विचार दीर्घ काल से सम्बन्ध रखता है, क्योंकि इसमें स्थिर साधनों को परिवर्तित करके फर्म के आकार को बढ़ाया जाता है।

पैमाने_के_प्रतिफल (Returns to Scale) के विचार-

पैमाने_के_प्रतिफल (Returns To Scale) का विचार इस बात का अध्ययन करता कि यदि सब उपादानों में आनुपातिक परिवर्तन कर दिया जाय, ताकि साधनों के मिलने के अनुपातों में कोई परिवर्तन न हो, तो उत्पादन में किस प्रकार से परिवर्तन होगा?

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पैमाने_के_प्रतिफल (Returns To Scale) के विश्लेषण के अन्तर्गत साधनों या उपादानों के आपसी अनुपात को नहीं बदला जाता बल्कि सभी साधनों को एक ही अनुपात में बढ़ाया जाता है। जब साधनों की मात्रा को एक ही अनुपात में बढ़ाया जाता है तो प्राप्त होने वाले उत्पादन की मात्रा या प्रतिफल की निम्नलिखित अवस्थाएँ होती हैं-

  1. पैमाने के बढ़ते_प्रतिफल की अवस्था
  2. पैमाने के स्थिर प्रतिफल की अवस्था
  3. पैमान के घटते प्रतिफल की अवस्था।

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नीतिश कुमार मिश्र
नीतिश कुमार मिश्र (Neetish Kumar Mishra) इस वेबसाइट के फाउंडर हैं। वे इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से स्नातक एवं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से परास्नातक (अर्थशास्त्र) कर चुके हैं। अब वे इस वेबसाइट के माध्यम छात्रों को बेहतर कंटेंट देकर उनको आगे बढ़ाने की ओर प्रयासरत हैं।

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