दुनिया के 5 सबसे बड़े अर्थव्यवस्था वाले देश
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दुनिया के 5 सबसे बड़े अर्थव्यवस्था वाले देश

दुनिया की टॉप 6 अर्थव्‍यवस्‍था

1. संयुक्त राज्य अमेरिका

दोस्तों नॉमिनल जीडीपी के मामले में तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे बड़ी मानी जाती है 19.42 ट्रिलियन डॉलर अमेरिकी अर्थव्यवस्था सकल विश्व उत्पाद का भी 25 परसेंट है। संयुक्त राज्य अमेरिका एक आर्थिक महाशक्ति बन चुका है। जो प्रतियोगी की और बुनियादी ढांचे के संदर्भ में काफी ज्यादा उन्नत है और प्रचुर मात्रा में भी प्राकृतिक संसाधन भी है।

लेकिन दोस्तों पीपीपी के आधार पर जीडीपी के मामले में अगर बात करी जाए। तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था चीन से पीछे हैं, ऐसे में चीन का सकल घरेलू उत्पाद 23.19 ट्रिलियन डॉलर अमेरिकी जीडीपी 19.42 ट्रिलियन डॉलर से भी ज्यादा का है। लेकिन अमेरिकी प्रति व्यक्ति जीडीपी के साथ-साथ पीपीपी में चीन से भी आगे है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए प्रति व्यक्ति जीडीपी लगभग $59,609 है और जबकि चीन में $16,676 है। नॉमिनल संबंध में प्रति व्यक्ति चीन की जीडीपी बढ़कर अब 8,480 हो सकती है।

2. चीन

दोस्तों चीन ने तो 1970 के दशक में ही एक केंद्रीय रूप से योजना बंद अर्थव्यवस्था से खुद को विनिर्माण और निर्यात केंद्र के अंदर बदल लिया था। क्योंकि इससे 1978 के अंदर बाजार में सुधारों की शुरुआत करी थी। इसलिए देश में सालाना 10% की औसत वृद्धि हासिल की दोस्तों शुरुआत में तो यह धीमा हो गया था। लेकिन इस प्रक्रिया में 1.3 अरब आबादी का लगभग आधे हिस्से को गरीबी से छुटकारा दिला दिया था।

चीन बिना किसी विवाद की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया। चीनी अर्थव्यवस्था ने पहले ही क्रय शक्ति समानता के आधार पर जीडीपी के मामले में अमेरिकी अर्थव्यवस्था को तो पीछे छोड़ ही दिया है। अगले कुछ सालों के अंदर इसके अमेरिका से आगे बढ़ने का अनुमान है। हालांकि दोस्तों नॉमिनल जीडीपी के मामले में अर्थव्यवस्था के बीच बड़ा अंतर अभी मौजूद है।

3. जापान

दोस्तों आपको बता दें कि वर्तमान समय के अंदर जापान की अर्थव्यवस्था नॉमिनल जीडीपी के मामले में तीसरे नंबर पर आती है। जबकि क्रय पावर समानता के आधार पर इसकी जीडीपी की तुलना करी जाए। तो यह चौथे स्थान पर आता है। दोस्तों 2008 से अर्थव्यवस्था को मुश्किल समय का सामना करना पड़ा है।

जब पहली बार मंदी के लक्षण यहां पर दिखे। तब सब जीरो ब्रांड आए और कमजोर मुद्रा के ने अपरंपरागत रूप से अर्थव्यवस्था को और अधिक प्रभावित करा है। आर्थिक विकास एक बार फिर से सकारात्मक है और 2016 में लगभग 1% और 2017 में लगभग यह 1.2 परसेंट तक हालांकि अगले 5 वर्षों के दौरान में यह 1 परसेंट से नीचे रहने का अनुमान है। जापान का नॉमिनल जीडीपी 4.8 ट्रिलियन डॉलर है। इसकी जीडीपी पीपीपी 5.2 डॉलर है और प्रति व्यक्ति जीडीपी पीपीपी 42,860 डॉलर है।

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4. जर्मनी

दोस्तों जर्मनी को यूरोप की सबसे बड़ी और काफी मजबूत अर्थव्यवस्था माना जाता है। विश्व स्तर पर यह एक नॉमिनल जीडीपी के मामले में तो चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था मानी जाती है। लेकिन जर्मनी की अर्थव्यवस्था मशीनरी, वाहन, घरेलू उपकरण और बाकी रसायनों के निर्यात के लिए जाना जाता है। दोस्तों जर्मनी में एक कुशल श्रम शक्ति मौजूद है। लेकिन दोस्तों आने वाले सालों के अंदर अर्थव्यवस्था को अनगिनत चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

क्योंकि नॉमिनल जीडीपी का साइज 3.42 ट्रिलियन डॉलर है। जबकि यहां पर क्रय शक्ति समानता के मामले में इसका जीडीपी 4.13 ट्रिलियन डॉलर है। दोसत जर्मनी की जीडीपी पीपीपी प्रति व्यक्ति $ 49,814 है और हाली के अंदर कुछ सालों में अर्थव्यवस्था 1-2 परसेंट की औसत गति से आगे बढ़ सकती है। इसी तरह इसके रहने का अनुमान है।

5. यूनाइटेड किंगडम

यूनाइटेड किंगडम भी 2.5 ट्रिलियन डॉलर जीडीपी के साथ में यूनाइटेड किंगडम वर्तमान समय के अंदर दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा देश है। दोस्तों पीपीपी के मामले में इसका जीडीपी 2.30 डॉलर से थोड़ा सा अधिक है लेकिन जब की प्रति व्यक्ति जीडीपी पीपीपी 44,001 डॉलर है। दोस्तों इनकी अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से तो सेवाओं द्वारा ही संचालित होती है।

क्योंकि यह श्रेय जीडीपी का 75% से भी ज्यादा का योगदान देता है। कृषि 1 परसेंट योगदान के साथ है और जीडीपी में मैन्यूफैक्चरिंग का दूसरा सबसे बड़ा योगदान रहता है। दोस्तों हालांकि कृषि का जीडीपी में कोई बड़ा योगदान नहीं रहता है। यूके की खास जरूरतों का 60% घरेलू जमीन पर ही उत्पादित रहता है, भले ही इस क्षेत्र में 2% से कम श्रमबल नियोजित किया जाता है।

नीतिश कुमार मिश्र
नीतिश कुमार मिश्र (Neetish Kumar Mishra) इस वेबसाइट के फाउंडर हैं। वे इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से स्नातक एवं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से परास्नातक (अर्थशास्त्र) कर चुके हैं। अब वे इस वेबसाइट के माध्यम छात्रों को बेहतर कंटेंट देकर उनको आगे बढ़ाने की ओर प्रयासरत हैं।