जानिए, विदेश में पढ़ाई करने के लिए कौन सी बातें हैं जरूरी
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जानिए, विदेश में पढ़ाई करने के लिए कौन सी बातें हैं जरूरी

जानिए, विदेश में पढ़ाई करने के लिए कौन सी बातें हैं जरूरी – हर भारतीय छात्र का यह सपना होता है कि वह अपना इंटरमीडियट पूरा करने के बाद प्रोफेशनल कोर्स के लिए कोई ऐसा कॉलेज या यूनिवर्सिटी चुने, जहां पढ़ने के बाद उसका करियर आसानी से बन जाए। यही वजह है कि सभी छात्र या तो भारत के टॉप मोस्ट संस्थान जैसे आईआईटी, आईआईएम या फिर ऐसे ही किसी संस्थान में प्रवेश लेना चाहते हैं। इसके अलावा हर भारतीय छात्र की यह ख्वाहिश भी होती है कि वह विदेश में पढ़ाई करने एक बार जरूर जाए।

हालांकि विदेश में पढ़ाई करने की ख्वाहिश रखने वाले छात्रों के सामने कई सारी समस्याएं भी आती हैं, क्योंकि जानकारी के अभाव में कई बार छात्र अच्छे कोर्स या फिर अच्छी यूनिवर्सिटी का चयन नहीं कर पाते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि अगर आप विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करना चाहते हैं, तो आप सही कॉलेज या पाठ्यक्रम को चुनने में इन सभी कारकों पर विचार कर सकते हैं। जानिए कौन से हैं वो कारक:-

शिक्षा की लागत

अगर हम विदेश में उच्च शिक्षा ग्रहण करना चाहते हैं, तो सबसे पहले हमें यह देखना होता है कि उस पाठ्यक्रम की लागत कितनी है। क्योंकि केवल पाठ्यक्रम का शुल्क और शिक्षण शुल्क में ही आपको छुटकारा नहीं मिलता है। इसके अलावा आपको विदेश में रहकर पढ़ाई करनी होगी, तो वहां रहने की लागत, खाने-पीने की लागत, बोर्डिंग और लॉजिंग आदि की लागत के अलावा वीजा की लागत का भी ध्यान आपको रखना चाहिए। ऐसे में आपको विदेश में प़ढ़ने जाने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति को अच्छे से जान लेना चाहिए और उसके हिसाब से ही कोर्स का चयन करना चाहिए।

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भाषा का माध्यम

इसका मतलब यह है कि आप जिस भी देश में उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए जा रहे हैं, आपको वहां की भाषा का ज्ञान अच्छी तरह से ही होना चाहिए। मान लीजिए आप अमेरिका या फिर जर्मनी के विश्वविद्यालय में दाखिला लेना चाहते हैं, तो वहां जाने के लिए आपको जर्मन या अमेरिकी भाषा का बुनियादी ज्ञान जरूर होना चाहिए। नहीं तो आपको वहां शिक्षा ग्रहण करने और वहां रहने में काफी तकलीफ का सामना करना पडेगा।

आवेदन की प्रक्रिया

विदेश में उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए जाने वाले छात्रों को पूरी जानकारी कर लेनी चाहिए। जिसमें सबसे महत्वपूर्ण है, विदेश में पढ़ने के लिए आवेदन की प्रक्रिया कैसी होती है। क्योंकि विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों को छात्र वीजा, कॉलेज आवेदन, छात्रवृत्ति और इसके अलावा शिक्षा के लिए लोन लेने की प्रक्रिया इन सभी को ध्यान में रखना चाहिए।

अगर आप यह सब जानकारी पहले ही कर लेते हैं, तो ऐसे में आवेदन की प्रक्रिया लंबी होने से बच जाएगी। वहीं अगर आवेदन की प्रक्रिया ज्यादा लंबी होगी, तो आपको अकादमिक और पेशेवर के संबंध में आपको ज्यादा से ज्यादा समय लगेगा। इसके लिए आपको जिस भी देश में उच्च शिक्षा के लिए दाखिला लेना है, तो वहां की आवेदन प्रक्रिया को पहले ही समझ लें या फिर ऐसे देश को चुनें, जहां प्रवेश की प्रक्रिया ज्यादा लंबी न हो।

कोर्स के संबंध में जानकारी

विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों को इस बात की जानकारी तो पहले से ही रहती होगी कि वह जिस भी कोर्स में एडमिशन लेना चाहते हैं, उसकी उपलब्धता किन देशों में है और उसकी पढ़ाई के लिए कौन सी यूनिवर्सिटी सबसे बढ़िया रहेगी। हालांकि अगर आप यह सोचते हैं कि पहले यूनिवर्सिटी का चयन कर उसके बाद कोर्स का चयन करें, तो यह बेवकूफी होगी। आपको अपने कोर्स के हिसाब से पहले ही देश का चयन कर लेना चाहिए। क्योंकि हर देश की अपनी पाठ्यक्रम विशेषता होती है। ऐसे में आप फालतू की उलझनों में फंसने से बच सकते हैं।

क्यों करें विदेश में पढ़ाई?

विदेशों में पढ़ाई करने की चाह इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि विदेशों की कई बड़ी यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने वाले भारतीय छात्रों की संख्या साल दर साल बढ़ती चली जा रही है। हालांकि पढ़ाई के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या तो और भी ज्यादा होती है लेकिन इनमें से कुछ ही छात्रों की किस्मत चमकती है और उन्हें विदेशी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई का मौका मिलता है। इसके अलावा भी विदेशों में प़ढ़ाई करने के कई प्रमुख लाभ भी हैं, जिनके बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।

  • सबसे पहला कारण तो ये है कि विदेशों में पढ़ाई करने के बाद छात्रों को अपना करियर बनाने और मोटी सैलरी वाली नौकरी पाने में काफी आसानी रहती है।
  • दूसरा कारण ये है कि भारत में लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते विदेशों में भारत के प्रतिभावान छात्रों को आसानी से प्रवेश मिल जाता है।
  • तीसरा कारण ये है कि कुछ ऐसे भी पाठ्यक्रम हैं, जो कि भारत में छात्रों के लिए उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे में छात्र उन्हें पढ़ने की चाह में विदेशों में एडमिशन लेते हैं।
  • चौथा और सबसे प्रमुख कारण ये है कि विदेशों में शिक्षा की गुणवत्ता भी काफी ज्यादा बेहतर है और यहां पढ़ाई के बाद छात्रों को ज्यादा भटकना नहीं पड़ता।
नीतिश कुमार मिश्र
नीतिश कुमार मिश्र (Neetish Kumar Mishra) इस वेबसाइट के फाउंडर हैं। वे इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से स्नातक एवं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से परास्नातक (अर्थशास्त्र) कर चुके हैं। अब वे इस वेबसाइट के माध्यम छात्रों को बेहतर कंटेंट देकर उनको आगे बढ़ाने की ओर प्रयासरत हैं।